कैबिनेट मीटिंग : हिमाचल में 7 से 16 मई तक लगेगा कोरोना कर्फ्यू; 10वीं के विद्यार्थी किए जाएंगे प्रमोट, 31 मई तक बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान


मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की और इस महामारी के मामलों में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की गई। इसके दृष्टिगत वायरस की चेन तोड़ने के लिए मंत्रिमण्डल ने राज्य में 7 मई, 2021 से 16 मई, 2021 मध्य रात्रि तक कोरोना कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया। इस अवधि के दौरान सभी सरकारी और निजी कार्यालय एवं संस्थान बंद रहेंगे। यह भी निर्णय लिया गया है कि स्वास्थ्य, बिजली, दूरसंचार, जलापूर्ति, स्वच्छता इत्यादि सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि नागरिक कार्य स्थलों, बागवानी एवं कृषि स्थलों और अन्य परियोजना स्थलों पर कार्य जारी रहेंगे। सभी सरकारी और निजी परिवहन सेवाएं 50 प्रतिशत क्षमता के साथ परिचालित होंगी और अन्तरराज्जीय परिवहन सेवा भी जारी रहेगी। वहीं, औद्योगिक संस्थान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे।



हिमाचल प्रदेश में शिक्षण संस्थान 31 मई, 2021 तक बंद रहेंगे। राज्य में कोविड-19 मामलों में तेजी से हुई वृद्धि के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया है। सीबीएसई द्वारा दसवीं कक्षा के अपने विद्यार्थियों को स्तरोन्नत करने के लिए सुझाए गए मानकों के आधार पर राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड भी इन सभी विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रमोट करेगा। यह निर्णय भी लिया गया है कि बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं और महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आगामी आदेशों तक निलम्बित रहेंगी।



राजस्व संग्रहण, जो प्रदेश के राजस्व का एक प्रमुख साधन है, से संबंधित कार्यों में आबकारी एवं कराधान विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए और प्रदेश में विभिन्न कर कानूनों के बेहतर प्रबंधन एवं विनियमन के लिए बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग में अधिकारियों के वर्तमान पदों के स्थान पर विशेष एवं समर्पित हिमाचल प्रदेश राजस्व (राज्य कर एवं आबकारी) सेवा सृजित करने का निर्णय लिया गया।



हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना को 300 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की ताकि लोगों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। अस्पताल के लिए विभिन्न श्रेणियों के 76 पद सृजित करने को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में मण्डी जिला के धर्मपुर में आवश्यक पदों सहित नया जल शक्ति वृत्त सृजित करने का निर्णय लिया गया। ऊना जिले के कुटलैहड विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत थानाकलां में नया जल शक्ति मण्डल खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा, जल शक्ति उप-मण्डल नम्बर-2 ऊना के बेहतर प्रशासनिक संचालन के लिए वर्तमान स्टाफ व अधोसंरचना को बसाल स्थानांतरित करने का भी फैसला लिया गया।

Comments

  1. Jb 10th class hpbose promote kr h rahe ho too sbko promote kro compartment or SOS k bacho ko bhi unka too last chance hai

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  2. Sir what about bba and bca students

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  3. आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय हिमाचल प्रदेश
    सादर प्रणाम ll
    हमने अप्रैल 2021 मे डीसी महोदय बिलासपुर को विपन कुमार पुत्र रामलाल गांव डूहक तहसील झंडूता जिला बिलासपुर के द्वारा झूठे वह फर्जी दस्तावेज तथा गलत undertaking देकर EWS certificate प्राप्त करने का शिकायत पत्र दिया था जिसमें की तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार झंडूता की भूमिका भी संदेहसपद होने की आशंका जताई थी क्योंकि उन्होंने गलत दस्तावेज पर EWS certificate प्रदांन किया था l महोदय 2-12-2021 को विपन कुमार ने तहसीलदार साहब के सामने अपने आप माना कि उसने गलत BPL सर्टिफिकेट तथा गलत undertaking दी है परंतु उसकी पश्चात भी तहसीलदार विपिन कुमार का EWS certificate रद्द नहीं किया l झूठे दस्तावेज तथा गलत undertaking देकर certificate प्राप्त करनाIPC section 463,464,465 के अंतर्गत अपराधिक मामला है गलत दस्तावेजों पर सटिफिकेट देना भी उतना ही बड़ा अपराध हैl तहसीलदार साहब ने अपने पत्र संख्या JHD/TEHSIL/DEO-2020-514 dated 6-7-2021 जोकि sdm झंडूता को लिखा गया था जिसमें साफ लिखा गया था की अगर विपन कुमार ने झूठे दस्तावेज देकर EWS सर्टिफिकेट प्राप्त किया होगा तो उसका EWS certificate रद्द कर दिया जाएगा l महोदय यह बात अब तो पूरी तरह से साबित हो चुकी है कि विपन कुमार ने झूठे दस्तावेज के आधार पर EWS सर्टिफिकेट प्राप्त किया थाl जिस आधार पर EWS certificate दिया गया था जब वह आधार ही गलत साबित हुआ तो उसका EWS उसी समय रद्द माना जाना चाहिए थाl
    आदरणीय महोदय तहसीलदार झंडूता अपना अलग से कानून बनाकर लिखित रूप में कह रहे हैं कि on line EWS certificate के लिए Self Declaration की जरूरत नहीं है जबकि on line certification portal पर अपनी EWS application के साथ self Declaration अपलोड करना अनिवार्य हैl महोदय तहसील कार्यालय झंडूता मैं दस्तावेजों के साथ भी छेड़खानी की गई है जिसका साक्ष्य है पटवारी रिपोर्ट के नीचे विपन कुमार का लिखित बयान जिसे की Redmi Y3 फोन से जोड़ने की कोशिश की गई हैl
    इस पूरे प्रकरण मैं तहसील कार्यालय की भूमिका संदेहसपद है क्योंकि इन्होंने झूठे दस्तावेजों तथा झूठी undertaking के आधार पर EWS सर्टिफिकेट प्रदान किया तथा दस्तावेजों के साथ भी छेड़खानी करने की कोशिश की गई l
    इसलिए हम महामहिम से विनम्र प्रार्थना करते हैं कि आप दोषियों के ऊपर सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही के आदेश दे तथा विपन कुमार का EWS सर्टिफिकेट रद्द करने का आदेश दे क्योंकि विपन कुमार ने गलत दस्तावेज तथा undertaking देकर EWS Certificate प्राप्त किया हैl
    हमें पूर्ण विश्वास है कि महामहिम इस भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा पूर्ण रुप से सहयोग करेंगे तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही के आदेश देंगे जिससे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गलत दस्तावेज देकर किसी भी तरह का सर्टिफिकेट प्राप्त ना करें तथा ना ही कोई अधिकारी गलत दस्तावेज पर सर्टिफिकेट प्रदान नहीं करे l धन्यवाद ll
    भवदीय
    रामकुमार
    7018008162
    नीलकुंज निवास, गांव बनूटी
    जिला व तहसील शिमला
    हिमाचल प्रदेश-171011

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