कोरोना संकट : हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा ने करवाया आमदनी में इजाफा


बेशक, कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिकी पर काफी असर पड़ा है लेकिन राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘‘मनरेगा’’ ने लोगों को राहत प्रदान की है। जी हां, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आमदनी में काफी इजाफा हुआ है। इस योजना के तहत राज्य सरकार विकास कार्यों को युद्धस्तर पर करवा रही है। बात करते हैं प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र किन्नौर की। कोविड-19 के कारण किन्नौर में विकास कार्यों पर विराम लग गया था। ऐसे में यहां रहने वाले कमजोर वर्गों को आय को लेकर चिंता सताने लगी। निराशा की इस घड़ी में केंद्र सरकार ने मनरेगा कार्यों को आरंभ करने का निर्णय लिया। उसके पश्चात मनरेगा अधिनियम के तहत काम करने वाले कई लोगों के जीवन में आशा की नई किरण जगी। हिमाचल सरकार द्वारा मनरेगा कार्यों को पुनः आरंभ करने के निर्णय ने नौकरी गवा चुके और अपने क्षेत्र के विकास में योगदान करने के इच्छुक लोगों को सुनहरा अवसर एवं सहारा प्रदान किया है।
किन्नौर में 6931 श्रमिकों को मनरेगा के तहत मिला रोजगार
जनजातीय क्षेत्र किन्नौर में भौगोलिक विविधताओं के कारण कार्य करने की सीमा तकरीबन 5 से 6 महीने तक रहती है। मनरेगा के तहत कुल 65 में से 61 पंचायतों में विकास कार्य आवंटित किए गए हैं, जहां कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। 785 विकास कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें कार्य करने वाले 6931 श्रमिक समय पर मजदूरी की राशि के भुगतान के लिए सरकार के आभारी हैं। उंचाई वाले क्षेत्रों में कार्यों को पूरा करने के लिए पंचायतों और मजदूरों का प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया गया है। कल्पा खंड की 25 पंचायतों में लगभग 328 विकास कार्य किए जा रहे हैं जबकि निचार विकास खंड की 18 पंचायतों में 399 कार्य और पूह विकास खंड की 20 पंचायतों में 58 कार्य किए जा रहे हैं।

जनजातीय क्षेत्रों में मानदेय 248 रुपए प्रतिदिन
भौगोलिक विशेषताओं के कारण मनरेगा के तहत जनजातीय क्षेत्रों में मानदेय 248 रुपए प्रतिदिन है जबकि राज्य के अन्य भागों में यह राशि 198 रुपए प्रतिदिन है। जिला किन्नौर ग्रामीण विकास एजेंसी की उपनिदेशक और परियोजना अधिकारी जयवंती नेगी ठाकुर ने बताया कि उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 678327 कार्य-दिवस का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, जिले को 7918.05 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं। जिले की सभी 65 पंचायतों में मनरेगा विकास कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कल्पा खंड के लिए 827.85 लाख रुपए, निचार खंड के लिए 4554.10 लाख रुपए और पूह विकास खंड के लिए 2486.10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत किए गए। वर्तमान में किन्नौर में 19,173 जाॅब कार्डधारक हैं।

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