कोरोना को हराने के लिए पंचायत स्तर से रणनीति बना रहे मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी

पंचायत प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से सीधा संवाद कर रहे मुख्यमंत्री

देश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य की प्रत्येक पंचायत से मंत्रणा कर रूपरेखा बनाने वाले पहले मुख्यमंत्री बने श्री जयराम ठाकुर जी

देश-दुनिया में बढ़ रहे कोविड-19 वायरस के प्रकोप से चुनौतियां व मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, हिमाचल प्रदेश भी इससे अछुता नहीं है। हालांकि गर्व की बात यह है कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी कोरोना को हराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री संपूर्ण हिमाचल को इस महामारी से बचाने के लिए पंचायत स्तर पर रणनीति बना रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी समय-समय पर पंचायत प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद कर इस महामारी से निपटने के लिए उन्हें प्रेरित करने के साथ-साथ स्थिति का जायजा भी ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि देश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य की प्रत्येक पंचायत से मंत्रणा कर रूपरेखा बनाने वाले पहले मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी हैं।
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने राज्य के दस जिलों के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ कोविड-19 महामारी के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रूपरेखा बना ली है। मुख्यमंत्री ग्राम पंचायतों के प्रधानों का मार्गदर्शन करने के साथ उनसे आग्रह करते हैं कि कोरोना वायरस के प्रति आमजन को जागरूक करें, लक्षण व बचाव के उपाय पूरे विवरण के साथ बताएं। बाहरी राज्यों से वापस आए हिमाचल के नागरिकों पर नजर रखें तथा इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को देते रहें। इसके साथ ही क्वारंटीन के बारे में भी वापस लौटे नागरिकों एवं स्थानीय जनता को जागरूक करें। वहीं इस संकट के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित हुए विकास कार्यों को भी गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कदम उठा लिए हैं।

9 मई को जिला चम्बा और कांगड़ा के पंचायत प्रतिनिधियों से की मंत्रणा
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने 9 मई को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला से जिला चम्बा और कांगड़ा की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार को कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अपना सहयोग दें तथा उनसे बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को होम क्वारन्टीन का सख्ती से पालन करवाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानों से उनके गांवों में बाहरी राज्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति की सूचना संबंधित अधिकारियों के साथ सांझा करने को कहा, ताकि उन लोगों की शीघ्रता से स्वास्थ्य जांच की जा सके और यदि आवश्यकता हो तो उन्हें क्वारन्टीन में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह कोरोना महामारी को फैलने से रोकने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानों को लोगों को फेस मास्क और फेस कवर बनाने और वितरित करने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए।

12 मई को जिला हमीरपुर और ऊना के पंचायत प्रतिनिधियों से की चर्चा
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने 12 मई को जिला हमीरपुर और ऊना के जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और विभिन्न ग्राम पंचायत प्रधानों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में वायरस के चक्र को तोड़ने में आईसोलेशन, सामाजिक दूरी के प्रति लोगों को जागरूक करने में पंचायत प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लगभग एक लाख हिमाचलवासी राज्य में वापस आए हैं और अगले कुछ दिनों में लगभग 55 हजार और लोगों के वापस आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग रेड और ऑरेंज जोन से आ रहे हैं। इसलिए यह जरूरी है कि उचित स्वास्थ्य जांच हो और उन्हें क्वारन्टीन में रखा जाए। राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए ‘निगाह कार्यक्रम’ शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कोरोना संक्रमण से बचने के लिए उचित प्रोटोकॉल अपनाने के लिए राज्य के लोगों को जागरूक करना है।

14 मई मंडी और कुल्लू जिला के पंचायत प्रतिनिधियों से किया ये आह्वान
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने 14 मई को मंडी और कुल्लू जिला के पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधियों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों के प्रधानों और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने तथा इससे निपटने के लिए उचित प्रबधंन करने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य में होम क्वारंटीन सुविधाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आगे आने का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रधानों से आग्रह किया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए निगाह कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने में अपने पूरा सहयोग दें। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए शुरू किया गया है जिन्हें होम क्वारंटीन में रखा गया है ताकि वह होम क्वारंटीन का उल्लंघन न कर सके। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि ऐसे परिवारों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करने के लिए आगे आए जहां पर परिवार के सदस्यों को होम क्वारंटीन में रखा गया है।

16 मई को सोलन और सिरमौर के पंचायत प्रतिनिधियों को दिए टिप्स
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने 16 मई को वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से सोलन और सिरमौर जिलों के विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों से बातचीत करते हुए कहा कि वे कोविड-19 के दृष्टिगत अपने संबंधित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधि यह भी सुनिश्चित करें कि देश के विभिन्न भागों से वापस आए हुए लोग होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन न करें। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रधान लोकतंत्रीय व्यवस्था के धरातल पर स्थित संस्थानों के मुखिया के तौर पर, लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबमें महत्वपूर्ण अंग हैं। अपने क्षेत्र के विकास और सामाजिक मुद्दों में उनकी सक्रिय भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रहती है। प्रधानों को गरीब और प्रवासी मजदूरों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए। पंचायतों को लोगों को फेस कवर और मास्क प्रदान करना भी सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए सभी के संयुक्त प्रयासों का होना आवश्यक है।

19 मई को शिमला और बिलासपुर जिला के पंचायत प्रतिनिधियों का बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने 19 मई को शिमला और बिलासपुर जिलों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रधानों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए प्रदेश सरकार को अपना पूरा समर्थन प्रदान करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के चुने हुए प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी जरूरतमंदों और गरीबों को फेस मास्क और भोजन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पंचायतों ने लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और घरों से बाहर जाने के दौरान फेस मास्क और फेस कवर का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि प्रवासी मजदूरों के पास खाने के लिए भोजन और रहने के लिए आश्रय भी हो।

Comments