कर्फ्यू में दी गई ढील के दौरान सोमवार और वीरवार को खुली रहेंगी स्टेशनरी की दुकानें

मुख्यमंत्री ने ‘‘आरोग्य सेतु ऐप’’ इन्स्टॉल करने की आवश्यकता पर दिया बल, कहा- यह ऐप कोविड-19 मामलों को ट्रैक और ट्रेस करने में सहायक सिद्ध होगा
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आज देश में कोरोना महामारी फैलने के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। 

https://www.narendramodi.in/prime-minister-narendra-modi-interacts-with-cms-to-strategize-ahead-for-tackling-covid-19-549230

इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिले दिशा-निर्देशों के बारे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने आरोग्य सेतु ऐप इन्स्टॉल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह कोविड-19 मामलों को ट्रैक और ट्रेस करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे श्रमिकों की सेवाएं औद्योगिक इकाइयों में ली जाने की संभावनाओं का पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रदेश में कर्फ्यू में दी गई ढील के दौरान सोमवार तथा वीरवार को स्टेशनरी की दुकानें खुली रहेंगी।


कोरोना से लड़ाई में आरोग्य सेतु ऐप एक महत्वपूर्ण हथियार है। इसे ज़रूर डाउनलोड करें और दूसरों को भी करने के लिए प्रेरित करें।

इसकी सफलता इसके ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा उपयोग करने में है।






बढ़ सकता है लाॅकडाउन का समय, पहले से अलग होगा लाॅकडाउन का यह चरण
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि विभिन्न राज्य के मुख्यमंत्रियों का मानना है कि लाॅकडाउन का समय बढ़ाया जाना चाहिए तथा लाॅकडाउन का यह चरण पहले से अलग होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्फ्यू के दौरान किसानों की सुविधा के लिए उचित कदम उठाए जाएं क्योंकि उनकी फसल कटाई का कार्य प्रगति पर है। उनकी फसल की खरीद के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। फसल कटाई के दौरान किसानों को सामाजिक दूरी के बारे में भी जागरूक किया जाना आवश्यक है।

तब्लीगी जमात के संपर्क में आए 684 लोगों को किया क्वारंटाइन
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि राज्य में तब्लीगी जमात के संपर्क में आए 684 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है और उन्हें तब तक निगरानी में रखा जाएगा, जब तक कि उन्हें चिकित्सक पूर्णतः स्वस्थ घोषित नहीं करते अन्यथा क्वारंटाइन करने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के दौरान कोरोना वायरस के लक्षणों के लिए चिन्हित किए गए लोगों का परीक्षण करने के लिए 15 वाहनों को सैंपलिंग वाहन के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई 
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि खाद्य और नागरिक आपूर्ति और नागरिक आपूर्ति निगम को लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टाॅक सुनिश्चित करना चाहिए। नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चैकिंग, होर्डिंग और मुनाफाखोरी पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में कोविड-19 के जांच नमूने बढ़ाने के लिए श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल काॅलेज नेरचौक, जिला मंडी में आरटी-पीसीआर प्रयोगशाला स्थापित करने का आग्रह किया।

हिमाचल में कोविड-19 की स्थिति पर एक नजर
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि राज्य में अब तक 5404 व्यक्तियों को कोरोना वायरस के तहत निगरानी में रखा गया है, जिनमें से 2969 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में कोविड-19 के लिए 64 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 57 सैंपल नेगिटिव पाए गए हैं, दो सैंपल पाॅजिटिव पाए गए और पांच सैंपलों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने कहा कि राज्य में अब तक 954 व्यक्तियों की कोरोना वायरस की जांच की गई, जिनमें से 917 सैंपल नेगिटिव पाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 32 व्यक्तियों की रिपोर्ट पाॅजिटिव पाई गई थी, जिनमें से 6 लोग ठीक हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, चार व्यक्ति राज्य से बाहर उपचाराधीन हैं और एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है। उन्होंने कहा कि शेष 21 व्यक्ति राज्य के अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।

56,552 कामगारों के बैंक खातों में 11.31 करोड़ रुपये ट्रांस्फर
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के पंजीकृत कामगारों को डायरेक्ट बैनफिट ट्रांस्फर के माध्यम से मार्च के माह के लिए दो हजार रुपये और अप्रैल माह के लिए दो हजार रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है। अब तक बोर्ड में पंजीकृत 56,552 कामगारों के बैंक खातों में 11.31 करोड़ रुपये ट्रांस्फर कर दिए गए हैं। बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि पंजीकृत सभी भवन और अन्य निर्माण कामगारों को यह भुगतान जल्द से जल्द हो जाए, ताकि इस कठिन समय में उनकी मदद की जा सके। ऐसे सभी कामगार, जिन्हें पहली किस्त भी नहीं मिली है, उन्हें अपनी जानकारी श्रम कार्यालय में देनी होगी, जहां वह पंजीकृत है।

सरकार के साथ मिलकर गैर-सरकारी संगठन व स्वयंसेवक करेंगे कोविड-19 की रोकथाम
राजस्व-आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी के कारण संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, जिससे यह आवश्यक हो गया है कि सरकारी और गैर-सरकारी संगठन आपसी तालमेल के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर भी सभी प्रकार की आपदाओं के उचित प्रबंधन के लिए यह जरूरी है कि सभी राज्य सरकारें और जिला प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ) समेत सभी हितधारकों के साथ तालमेल व समन्वय के साथ कार्य किया जाए। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अनुच्छेद 38(2), 22(2) और 30(2) के अनुसार सभी राज्य और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के लिए अनिवार्य है कि वे आपदा प्रबंधन के कार्यों को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करें।

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और इससे जुड़े राहत, बचाव व जागरूकता सम्बन्धी गतिविधियों में गैर-सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों के योगदान को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। इसी दिशा में प्रयास करते हुए प्राधिकरण ने राज्य व जिला स्तर पर गठित इंटर एजेंसी ग्रुप को सक्रिय करने के लिए सुझाव दिए हैं, जिसमें जिला स्तर पर सभी गैर-सरकारी संस्थाओं से समन्वय के लिए एक पदाधिकारी को नियुक्त करने और हर जिले के इंटर एजेंसी ग्रुप के संयोजक को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करने के लिए अनुरोध किया गया है। वर्ष 2018 में राज्य इंटर एजेंसी ग्रुप का पुनर्गठन किया गया था, जिसके अंतर्गत अभी तक 55 गैर-सरकारी संस्थाएं पंजीकृत हो चुकी हैं और प्रदेश के हर जिले का अपना इंटर एजेंसी ग्रुप, संयोजक, कोर ग्रुप और सदस्य हैं, जिनका उद्देश्य किसी भी आपदा में राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर पूर्व-तैयारी, राहत, बचाव और पुनर्वास गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना है।

कुछ जिलों में गैर-सरकारी संगठनों ने निजी स्तर पर जागरूकता कार्य और संक्रमण के लिए अति-संवेदनशील व्यक्तियों को सहायता प्रदान करने के लिए अभियान शुरू कर दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य में कोविड-19 से निपटने के लिए स्वयंसेवकों को पंजीकृत करने की पहल की है। इस डेटाबेस में स्वैच्छिक सेवा करने के लिए 950 से अधिक हिमाचली नागरिक तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ‘‘माईगव पोर्टल/वेबसाइट’’ पर भी बहुत से स्वयंसेवकों ने अपनी सेवाएं देने के लिए पंजीकरण किया है, जिनकी सेवाएं भी कोरोना के विरुद्ध इस अभियान में ली जा सकती हैं।

प्रदेश में कोविड-19 के दृष्टिगत 65 लाख लोगों की स्वास्थ्य जानकारी एकत्रित
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने बताया कि आज प्रदेश में 127 लोगों के सैंपल लिए गए, जिसमें से 87 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है तथा शेष 40 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकि है। उन्होंने कहा कि शिमला के आईजीएमसी में दाखिल जिला सोलन से संबंधित तीन कोविड-19 पाॅजिटिव लोगों के पुनः सैंपल लिए गए, जिनमें से एक व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है तथा दो लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकि है। आज तक प्रदेश में कोविड-19 के लिए कुल 900 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 832 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। प्रदेश में 28 लोग कोविड-19 पाॅजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से 2 लोग नेगेटिव पाए जाने के बाद घर भेज दिए गए है, 4 लोग प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है एवं एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है जबकि 21 व्यक्ति प्रदेश में उपचाराधीन है। राज्य में अब तक 5200 व्यक्तियों को कोरोना वायरस के लिए निगरानी में रखा गया है, जिनमें से 2785 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। प्रदेश में एक्टिव केस फाइडिंग अभियान के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 65 लाख लोगों की स्वास्थ्य जानकारी घर-घर जा कर एकत्र की जा चुकी है।



Comments

  1. नवम्बर दिसम्बर में अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना और पंचायत चुनावों में लगने से बच्चों की पढ़ाई और प्रभावित होगी। शिक्षक स्कूलों में नहीं जा रहे हैं तो भारत सरकार को जनगणना करवा लेनी चाहिए।
    हिमाचल में पंचायत चुनाव भी करवा लेने चाहिए ताकि जब पाठशालाएं खुले तो अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में न जाना पड़े।

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  2. नवम्बर दिसम्बर में अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना और पंचायत चुनावों में लगने से बच्चों की पढ़ाई और प्रभावित होगी। शिक्षक स्कूलों में नहीं जा रहे हैं तो भारत सरकार को जनगणना करवा लेनी चाहिए।
    हिमाचल में पंचायत चुनाव भी करवा लेने चाहिए ताकि जब पाठशालाएं खुले तो अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में न जाना पड़े।

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  3. आदरणीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश श्री जयराम जी
    25 जून 2020 को कैबिनेट में पैट अध्यापकों के नियमितीकरण की सैद्धान्तिक मजूरी दी गई है। आज तक भी इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई है। आपसे करबद्ध निवेदन है कि अधिसूचना को शीघ्र अति शीघ्र जारी करवाएं। हम आपके सदैव आभारी रहेंगे।

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