हिमाचल में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं आएगी, उठाए जा रहे प्रभावी कदम : मुख्यमंत्री


हिमाचल प्रदेश में भी इक्कीस दिन के लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार उचित और प्रभावी कदम उठा रही है यह बात मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने लाॅकडाउन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए आज यहां आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे कि राज्य के बाहर से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा न आए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आपूर्ति लाइन के पूरक के लिए कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि राज्य में राशन, दालों और खाद्य तेलों का पर्याप्त भंडार है और पर्याप्त मात्रा में दूध और ब्रेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो उपभोक्ताओं की सुविधा और अनावश्यक भीड़भाड़ से बचाव के लिए दुग्ध संग्रह केंद्रों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं।उन्होंने कहा कि घुमंतू गद्दी और गुर्जरों और उनके झुंडों को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए सभी निवारक उपाय किए जाएं।
स्वेच्छा से करें रक्तदान
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने प्रदेश के लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए आगे आने की अपील की है ताकि रक्त बैंकों में खून की कमी न हो।  राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदान शिविर लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।इस संबंध में सभी उपायुक्तों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और रक्त बैंकों के प्रभारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक संगठनों को रक्तदान शिविर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।।मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान शिविरों के दौरान भीड़भाड़ से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और रक्तदाताओं और अन्य लोगों को आपस में उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों को रक्तदाताओं को इस तरह आमंत्रित करना चाहिए ताकि शिविरों में भीड़ न बढ़े।

राज्य सरकार ने एमओ और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवानिवृत्ति अवधि बढ़ाने के आदेश दिए

31 दिसंबर, 2017 से 29 फरवरी, 2020 के बीच सेवानिवृत्त हुए चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी मिलेगा पुनर्राेजगार
केरोना वारस सीओवीआईडी-19 के संक्रमण के कारण पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल काॅलेजों में उपलब्ध श्रमशक्ति को मजबूत करने की दृष्टि से उन चिकित्सा अधिकारियों, संकाय सदस्यों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की सेवानिवृत्ति को स्थगित करने और इसे अगामी अवधि तक बढ़ाने करने का आदेश दिया है जो 30 जून, 2020 तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। यह आदेश स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा अनुसंधान में काम करने वाले सभी श्रेणियों के चिकित्सा अधिकारी, संकाय सदस्य और पैरामेडिकल स्टाफ पर लागू होगा जो 31 मार्च, 30 अप्रैल और 31 मई, 2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। आज यहां अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जो चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल कर्मचारी 31 दिसंबर, 2017 से 29 फरवरी, 2020 की अवधि में सेवानिवृत्त हुए हैं, उनको भी अंतिम पद पर 1 अप्रैल, 2020 से आगामी आदेशों तक पुनर्रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए उनकी लिखित सहमति, उपलब्धता और स्वस्थता को ध्यान में रखा जाएगा। वे जिले के संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी या मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्यांे के कार्यालयों में अपनी ड्यटी के बारे में रिपोर्ट करेंगे, जिन्हें आवश्यकता के आधार पर पनर्रोजगार के आदेश जारी करने और अपने अधिकार क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात करने के लिए अधिकृत किया गया है।

सेवा विस्तार या पुनर्राेजगार को इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रसारित मानक अवधि और शर्तों द्वारा विनियमित किया जाएगा। सेवा विस्तार या पुनर्राेजगार देने के उददेश्य से जिले अथवा मेडिकल काॅलेजों में समतुल्य या अनुरूप पदों में उपलब्ध रिक्तियां वेतन और परिलब्धियों के आहरण के लिए उपयोग की जाएंगी। प्रमोशनल पदों के विरुद्ध विस्तार या पुनर्राेजगार के मामले में, यदि कोई और पदोन्नति के लिए उपलब्ध नहीं है या इस उद्देष्य से मौजूदा या प्रत्याशित रिक्तियों के खिलाफ पैनल नहीं बना है, तो वर्तमान पद या पदों का उपयोग किया जाएगा। यदि विस्तार या पुनर्राेजगार प्रदान करने के लिए कोई उपयुक्त पद उपलब्ध नहीं है, तो इस उद्देश्य के लिए एक्स-कैडर पद या पदों का सृजन किया जाएगा।


मुख्मंत्री ने डीसी, एसपी और सीएमओ के साथ वीडियो कान्फ्रेंस में दिए जरूरी निर्देश
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देश में 21 दिनों तक लाॅकडाउन के मद्देनजर स्थिति का जायजा लेने के लिए आज सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस की। उन्होंने राज्य के लोगों से लाॅकडाउन के दौरान अपने घरों में बने रहने का आग्रह किया क्योंकि सरकार ने कोरोना महामारी से उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि नैदानिक प्रतिष्ठान अधिनियम या महामारी रोग अधिनियम 1897 और आईपीसी की धाराओं के तहत उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उपायुक्तों को कर्फ्यू की अवधि में छूट के दौरान लोगों के बीच पर्याप्त सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी इस कार्य में शामिल करने के लिए कहा क्योंकि वे गांवों के साथ-साथ शहरी स्थानीय निकायों में भी में जमीनी स्तर पर सामाजिक दूरी को बनाए रखने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि लॉकडॉउन में छूट के घंटों के दौरान दुकानदार अपनी दुकानों पर आने वाले उपभोक्ताओं को सैनिटाइजर प्रदान करें। उन्होंने छूट अवधि के दौरान सामान उपलब्ध कराने में वरिष्ठ नागरिकों को वरीयता देने के लिए भी कहा।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने पुलिस और कानून-व्यवस्था लागू करने वाली अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे रोजमर्रा की जरूरतों के सामान जैसे दूध, ब्रेड और सब्जियां आदि खरीदने के लिए आने वाले लोगों में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों की सीमा पूरी तरह से सील कर दिया गया है और प्रशासन कोयह सुनिश्चित करना चाहिए कि और बाहरी लोगों को अपने क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिले। मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एन -95 मास्क सहित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के विभिन्न जन उपयोगी बिलों जैसे बिजली, पानी आदि के भुगतान की तारीख को स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कर्फ्यू के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के बीच उचित समन्वय की आवश्यकता भी महसूस की।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में मंदिरों को पहले ही बंद कर दिया है, लेकिन अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई मंदिर खुले हैं। उन्होंने कर्फ्यू में छूट के घंटों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सामाजिक सभा की जाँच करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से किसानों को स्प्रे, उर्वरकों और कीटनाशकों आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी वस्तुओं को बेचने वाली दुकानों को भी आवश्यक वस्तुओं के दायरे में लाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2186 लोगों को निगरानी में रखा गया है जिसमें से 591 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। अब तक 99 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है और आज 19 व्यक्तियों की रिपोर्ट प्राप्त हुई और सभी जो निगेटिव पाई गई है।

मुख्य सचिव श्री अनिल कुमार खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि कर्फ्यू में ढील देकर प्रशासन लोगों को लाॅकडाउन के प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य श्री आरडी धीमान ने कहा कि राज्य में पीपीई किट का पर्याप्त स्टाॅक है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर जवाहर नवोदय विद्यालय और डाइट छात्रावासों के भवनों को श्रेणी ‘बी’ के रोगियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर. मरडी ने कहा कि पुलिस विभाग कर्फ्यू में छूट के घंटों के दौरान लोगों को सुविधा देने के अलावा कर्फ्यू का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा।








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