हिमाचल सरकार ने आमजन के स्वास्थ्य का रखा ख्याल, बजट में किया 3009 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा है। हिमाचल सरकार ने वित्तीय बजट 2020-21 में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग को 2,702 करोड़ रुपए तथा आयुर्वेद विभाग को 307 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में विस्तारीकरण के बाद स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया है। ‘‘हिम केयर’’ तथा ‘‘सहारा’’ जैसी योजनाओं से प्रदेश की जनता को लाभ पहुंच है। ‘‘हिम केयर’’ योजना के अन्तर्गत अब तक 68 हजार 222 लाभार्थियों को लगभग 63 करोड़ रुपए तथा ‘‘आयुष्मान भारत’’ के अन्तर्गत 52 हजार 922 लाभार्थियों को लगभग 53 करोड़ रुपए की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं हैं। 

‘‘क्षय रोग निवारण योजना’’
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि प्रदेश सरकार केन्द्र द्वारा तय सीमा से पहले क्षय रोग के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए ‘‘क्षय रोग निवारण योजना’’ लागू की जा रही है। बीते वर्ष क्षय रोग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार दिया गया था। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान प्रस्ताव रखा है कि इस योजना के अन्तर्गत दवा प्रतिरोधी तपेदिक के लिए डायग्नोस्टिक सुविधाओं को और बढ़ाया जाए। इसके लिए लाइन प्रोब एसैस की सुविधा जोकि अब तक केवल आईआरएल धर्मपुर में ही उपलब्ध थी, को गवर्नमेंट मेडिकल काॅलेज, टांडा में भी शुरु किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दवा प्रतिरोधी क्षय रोगियों के लिए पोशण बढ़ाने के लिए, मुख्यमंत्री ने उपचार के दौरान सभी मल्टी ड्रग प्रतिरोधी क्षय रोगियों को इस योजना के तहत 1,500 रुपए प्रतिमाह की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।

अस्पतालों में लगेंगी मैमोग्राफी मशीनें 
बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की शिकायत में वृद्धि हुई है। शायद यही एक ऐसा कैंसर है जिसका यदि आरंभिक अवस्था में ही पता चल जाए तो इसका पूर्ण इलाज़ संभव है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में 2020-21 के दौरान ही मैमोग्राफी मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके साथ ही महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा महिलाओं में जागरुकता के लिए एक नया कार्यक्रम अभियान के रूप में आरंभ किया जाएगा। बच्चियों तथा किशोरियों के वैक्सीन टीकाकरण के लिए सभी बिन्दुओं पर अध्ययन के बाद एक विस्तृत कार्य नीति बनाई जाएगी। इन दोनों उद्देष्यों के लिए मुख्यमंत्री ने नई योजना ‘‘स्वस्थ और सषक्त किषोरित्व एवं मातृत्व’’ शुरू करने की घोषणा की है।
सहारा योजना के तहत अब मिलेगी 3,000 रुपए सहायता राशि
हिमाचल सरकार ने पिछले वर्ष ‘‘सहारा’’ योजना आरंभ की थी। इस योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को 2,000 रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत 8 हजार 188 पंजीकृत लाभार्थियों में से 5 हजार 580 लाभार्थियों को उपदान प्रदान किया जा रहा है तथा शेश बचे लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें भी यह लाभ देना आरंभ कर दिया जाएगा। इस सहायता को मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रतिमाह करने की घोषणा की है।

विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध होगी ART की सुविधा
एचआईवी पीड़ित लोगों को पूरे जीवनकाल में एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी लेनी पड़ती है जोकि एआरटी केंद्रों के माध्यम से सभी एचआईवी रोगियों को मुफ्त दी जा रही है। राज्य में 6 एआरटी केन्द्र हैं और रोगियों को अक्सर अपने इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इन्हें घरों के समीप एआरटी की सुविधा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने डाॅ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल काॅलेज, नाहन, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज, चम्बा और लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल काॅलेज, नेरचौक में यह सुविधा शुरु करने की घोषणा की है। 

प्रदेश में खुलेंगे ‘‘एकीकृत निरोग क्लीनिक’’
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि राज्य सरकार एनीमिया से निपटने के लिए सभी प्रयास कर रही है। राज्य में कई बच्चे हीमो-ग्लोबिनो-पैथी जैसे कि थैलासीमिया या सिक्कल सैल कपेमंेम से पीड़ित हैं, जोकि एक आनुवंषिक विकार है। इस विकार का आरम्भिक अवस्था में ही पता लगाने के लिए राज्य सरकार सभी स्कूलों में बच्चों की सामूहिक जांच करवाने के लिए कार्य करेगी। बच्चों की मृत्यु दर को और कम करने के उद्देष्य से मुख्यमंत्री ने डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद मैडिकल काॅलेज टांडा में मातृ और नव-घातक गहन चिकित्सा इकाई की सुविधा सहित एक आधुनिकतम बाल चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री निरोग योजना के तहत गैर संचारी रोग के रिस्क फैक्टर के लिए 15 लाख से अधिक लोगों का आकलन किया गया है। स्क्रीनिंग के बाद पाए गए रोगियों की संख्या के दृष्टिगत् मुख्यमंत्री ने राज्यभर में 10 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में ‘‘एकीकृत निरोग क्लीनिक’’ खोलने का प्रस्ताव रखा है। 
राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में शुरू होंगे ‘‘मोबाइल हैल्थ सैंटर’’
अब तक 11 अलग-अलग श्रेणियों के रोगियों को 56 परीक्षणों के लिए निःशुल्क डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस सुविधा को सभी तक पहुंचाने का प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति एवं पुर्नवास के प्रयासों को बल देने के उद्देश्य से स्टेट मैंटल हैल्थ अथॉरिटी को अनुदान के रूप में समुचित अनुदान की घोषणा की है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि स्वास्थ्य विभाग एक व्यापक आईटी आधारित प्रणाली ‘‘हिमरोगया’’ विकसित करेगा जिसमें सभी नागरिकों को यूनिक स्वास्थ्य आईडी दी जाएगी। इस यूनिक स्वास्थ्य आईडी केे माध्यम से प्रदेशवासियों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में आसानी होगी। राज्य में कुछ दूरस्थ क्षेत्र हैं जहां स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने 10 ‘‘मोबाइल हैल्थ सैंटर’’ शुरु करने की घोषणा की है। इनका उद्देश्य दूरदराज और अल्पसेवित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी श्रृंखला मोबाईल वैन के द्वारा प्रदान करना है। 

स्वास्थ्य क्षेत्र में शुरू होगी ‘‘सम्मान’’ योजना
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी का कहना है कि उनके ध्यान में यह बात है कि कभी-कभी कुछ बेसहारा लोग गंभीर अवस्था में अस्पतालों में छोड़ दिए जाते हैं। अस्पताल प्रशासन को उनकी देखभाल करने में कई मुश्किलें आती हैं। ऐसे लोगों को मुफ्त ईलाज तथा डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई योजना ”सम्मान“ आरंभ करने की घोषणा की है। 

‘‘जननी सुरक्षा योजना’’ होगी शुरू
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त दवाइयां वितरित की जा रही हैं। इस उद्देश्य के लिए मुख्यमंत्री ने 2020-21 में 100 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा है। आशा वर्कर्ज को ‘‘जननी सुरक्षा योजना’’ के अन्तर्गत अनुसूचित जाति व जनजाति और बीपीएल परिवारों की गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 600 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 400 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अन्य सभी वर्गों की गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं संस्थागत प्रसव के लिए भी ऐसी ही प्रोत्साहन राशि आशा वर्कर्ज को दी जाएगी। इस पर राज्य सरकार लगभग 5 करोड़ रुपए व्यय करेगी। इसके साथ ही आशा वर्कर को प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले मानदेय में राज्य अंशदान को 500 रुपए प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा की गई है।


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