राज्य को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आगाज

सिरमौर जिला प्रशासन ने की प्लास्टिक मुक्त प्रदूषण के लिए पाॅलीब्रिक्स विकल्प की शुरूआत
देवभूमि हिमाचल को प्लास्टिक मुक्त के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार ने प्लास्टिक को खत्म करने की दृष्टि से रणनीति के तहत अभियान चलाना शुरू कर दिए है। बता दें कि प्लास्टिक पारिस्थितिक तंत्र को अभूतपूर्व नुकसान पहुंचाने वाले सबसे खराब प्रदूषकों में से एक है। पर्यावरण से प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए जिला सिरमौर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सिरमौर जिला प्रशासन ने पाॅलीथिन के उन्मूलन के लिए पाॅलीब्रिक्स बनाकर जिले को पाॅलीथिन मुक्त बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया है।
पाॅलीब्रिक एक तरह की प्लास्टिक ईंट है जो एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर जैसे टाॅफी, चाॅकलेट, मैगी, नमकीन व कुरकरे, चिप्स, शैम्पू पाउच, दूध की थैली आदि की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के टुकड़ों को खाली प्लास्टिक की बोतल के अन्दर भरने से बनती है। यह पाॅलीब्रिक्स ईंट की जगह इस्तेमाल की जा सकती है। पाॅलीब्रिक्स का उपयोग विभिन्न कार्यो के लिए किया जा सकता है। इन्हें घेरा बन्दी दीवार, शौचालय निर्माण, फूलदान, सीढ़ियां और फूलों की क्यारी बनाने के लिए ईंट की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा अन्तरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला-2019 में लगाई गई प्रदर्शनी में पाॅलीब्रिक्स से बने पाॅली टायलेट को प्रस्तुत किया गया था, जो लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहा।
‘‘एक दिन स्कूल के नाम अभियान’’
इस स्वच्छता अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन ने ‘एक दिन स्कूल के नाम अभियान’ भी शुरू किया, जिसके तहत विद्यार्थियों ने अपने स्कूल के अंदर और 500 मीटर बाहर के क्षेत्र में पॉलिथीन कचरे को एकत्र किया और पॉलीब्रिक्स बनाए। यह अभियान मार्च 2020 तक प्रत्येक पहले और चैथे शनिवार को चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत, डिफॉल्टरों की पहचान की जाएगी और पर्यावरण की स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जाएगा। दो जागरूकता ड्राइव के बाद, डिफॉल्टरों का चालान किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के 2031 स्कूलों के कुल 80,018 छात्रों ने अब तक 4990 किलोग्राम पॉलीथिन एकत्र किया है, लगभग 916 किलोमीटर क्षेत्र की सफाई की और 5435 पॉलीब्रिक्स बनाए। इस स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए, जिला प्रशासन ने अब सभी पंचायतों को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए ‘एक दिन पंचायत के नाम‘ से अभियान शुरू किया है।

पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में नारीशक्ति का अहम योगदान
जिला प्रशासन के इस स्वच्छता अभियान में महिला मंडल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अहम् योगदान दे रही हैं। हाल ही में नाहन के अम्बवाला-सैनवाला कि महिला मण्डल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने आस-पास के क्षेत्र के अलावा अपने वार्ड की भी सफाई की और एकत्रित किए गए प्लास्टिक के कचरे से लगभग 70 पॉलीब्रिक्स बनाकर उपायुक्त सिरमौर को सौंपी। इसी प्रकार जिला के दुर्गम क्षेत्र हरिपुरधार कि बड़ोल पंचायत के कांडो गांव की महिलाओं ने अपने गांव व आसपास के क्षेत्र से करीब 10 किलोग्राम प्लास्टिक व पाॅलिथीन एकत्रित कर पंचायत को पाॅलीब्रिक्स बनाकर सौंपी।
15,000 से अधिक पाॅलीब्रिक्स तैयार
जिला प्रशासन सिरमौर द्वारा जिला को जून 2020 तक पॉलिथीन मुक्त व पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की मुहिम के अंतर्गत अभी तक 15,000 से अधिक पाॅलीब्रिक्स तैयार की जा चुकी है। प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थनों पर पाॅलीब्रिक्स से बैंच, फ्लावर पाॅट, पाॅलीब्रिक्स निर्मित शौचालय, घेरा बंदी दीवार आदि बनाकर लोगों को पॉलिथीन मुक्त सिरमौर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पाॅलीब्रिक्स बनाने का उद्देश्य, पर्यावरण को पाॅलिथीन मुक्त कर स्वच्छ व सुन्दर बनाना, घरों में इस्तेमाल होने वाले एकल प्रयोग प्लास्टिक जैसे टाॅफी, चाॅकलेट, मैगी, नमकीन, कुरकरे व चिप्स के रैपर, शैम्पू पाउच, दूध की थैली, तेल व रिफाइन्ड पाउच आदि का घर पर ही निष्पादन करना और पाॅलीब्रिक्स के माध्यम से लोगों को बेकार प्लास्टिक का पुनः उपयोग करने के लिए जागरूक करना है।

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