ब्रजेश्वरी धाम मकर संक्रांति अब जिलास्तरीय पर्व मनाया जाएगा

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कांगड़ा में आयोजित ब्राह्मण कल्याण परिषद के रजत जयंती समारोह में की ऐतिहासिक घोषणाएं
मख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने बीते रोज कांगड़ा में आयोजित ब्राह्मण कल्याण परिषद के रजत जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने ब्रजेश्वरी धाम में मकर संक्रांति पर्व को जिला स्तरीय दर्जा देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को परशुराम भवन निर्माण के लिए लीज डीड की औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए दिए निर्देश भी दिए। उन्होंने ब्राह्मण कल्याण परिषद को भवन निर्माण के लिए 21 लाख का अंशदान देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि संस्कृति तथा परंपराओं के संरक्षण में सामाजिक संस्थाओं की अहम भूमिका रही है, समाजिक संस्थाएं विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से आम जनमानस की भलाई के कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनमानस को अनुशासित व एकता के सूत्र में बांधने के लिए सामाजिक समरसता तथा समभाव जरूरी है। हिमाचल प्रदेश के हर क्षेत्र में बसे ब्राह्मण समाज के प्रति आदर व सम्मान का दृष्टिकोण रहा है। यहां के मंदिर व देव स्थान इस सत्य के उदाहरण हैं। हमारा प्रदेश धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो रहा है। लोक संस्कृति की परंपरा को निरंतर बनाए रखने में ब्राह्मण समाज का महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019(सीएए) पारित किया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने इस कानून के माध्यम से हमारे तीन पड़ोसी इस्लामिक देशों में दशकों से धार्मिक उत्पीड़न के शिकार हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के लोगों के लिए भारत में नागरिकता लेने की राह को आसान किया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाकर देश को मजबूती प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों, शिक्षाविदों, ब्राह्मण कल्याण परिषद के पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया।
इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री श्री शांता कुमार जी ने कहा कि भारतीय सोच सदैव वसुधैव कुटुंबकम की रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए जागरूक होना जरूरी है। जब समाज के सभी वर्ग एक जुट होकर कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से ही देश और समाज का विकास होगा।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष श्री पंडित सुखबीर ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा ब्राह्मण कल्याण परिषद के महासचिव गौतम व्यथित ने परिषद की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इससे पहले, ब्राह्मण कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए ब्राह्मण कल्याण परिषद के आगामी कार्यक्रमों के बारे में अवगत करवाया।
इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सरवीन श्रीमती चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री विपिन सिंह परमार, विधायक श्री राकेश पठानिया, श्री मुलखराज प्रेमी, श्री अरूण मेहरा, श्री विशाल नैहरिया, केसीसीबी के अध्यक्ष डाॅ. राजीव भारद्वाज, जीआईसी के उपाध्यक्ष श्री मनोहर धीमान, पूर्व विधायक श्री प्रवीण शर्मा, श्री संजय चौधरी, श्री सुरेंद्र काकू, उपायुक्त कांगड़ा श्री राकेश प्रजापति, बास्केटबॅाल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मुनीष शर्मा और विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।

माता ब्रजेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा में रहती है घृत मंडल पर्व की धूम
माता ब्रजेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा में घृत मंडल पर्व का आयोजन पिछले कई वर्षों से उत्सव के रूप में किया जाता है। इस मौके पर पूरी रात मां की पिंडी पर देशी घी का मक्खन बनाकर चढ़ाया जाता है और पूरी रात भक्त मां का गुणगान करते हैं।  मकर संक्रांति की रात्रि  माता की पावन पिंडी पर मक्खन का लेप किया जाता है और इस मखन को एक सप्ताह के बाद उतारा जाता है और भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है ।उल्लेखनीय है कि जालंधर दैत्य को मारते समय माता के शरीर पर अनेक चोटें आई थी तथा देवताओं ने माता के शरीर पर घृत  का लेप किया था। उसी परंपरा के अनुसार यहां सदियों से माता की पिंडी पर घृत का लेप करने की परंपरा जारी है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस परंपरा को उत्सव के रूप में मनाया जाता है।गौरतलब है कि करीब 5 दशक पहले मंदिर के पुजारियों को देसी घी के लिए मंदिर की चांदी को भी बेचना पड़ा था तब जाकर घृत मंडल पर्व का आयोजन हुआ था। लेकिन अब मां के श्रद्धालुओं द्वारा क्विंटलों के हिसाब से देसी घी चढ़ाया जाता है ।पिछले सालों में मां के कई भक्तों द्वारा इस उपलक्ष में बड़े स्तर पर माता के जागरण आयोजित किए गए। करीब डेढ़ दशक पहले एमिल कंपनी द्वारा मकर संक्रांति पर जागरण करवाए जाने के बाद यहां भक्तों की संख्या बढ़ी है लाखों रुपए चढ़ावा भी बढ़ा है मंदिर मार्ग पर बसे दुकानदारों के कारोबार में भी वृद्धि हुई है और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।


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