नई औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण उपचार संयंत्र बनाना होगा अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने बुलाई राज्य पर्यावरण एवं संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक; दिए सख्त निर्देश, कहा- प्रदेश के शान्त व स्वच्छ पर्यावरण को कायम रखने के लिए सरकार प्रतिबद्
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने आज राज्य पर्यावरण एवं संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शान्त व स्वच्छ पर्यावरण को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि वर्तमान और नई स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के सभी मापदंडों को पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्थापित होने वाली औद्यागिक इकाइयों में प्रदूषण उपचार संयंत्र अनिवार्य बनाया जाए ताकि पर्यावरण में न्यूनतम प्रदूषण फैले। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी वर्तमान अपशिष्ट उपचार संयंत्र उचित प्रकार से चले ताकि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी से प्रदूषण न हो।

औद्योगिक नगरों में प्रदूषण नियंत्रण पर दिया जाएगा विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी कहा कि बद्दी-बरोटीवाला, नालागढ़, काला अम्ब व परवाणु जैसे औद्योगिक नगरों में प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। बद्दी में अपशिष्ट उपचार संयंत्र के सुधार का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए, जिससे उद्योगों से सिरसा नदी में जाने वाले 1.10 एमएलडी कूड़े का उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि काला अम्ब में भी अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त काला अम्ब में ठोस कचरा प्रबंधन की सुविधा प्रदान करने का भी प्रस्ताव है।

मार्गों पर धूल हटाने के लिए नियमित रूप से करें सफाई : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल एवं ठोस कचरा प्रदूषण के अतिरिक्त वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रायः यह पाया गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर वाहनों की भारी आवाजाही के कारण वायु प्रदूषण फैलता है। उन्होंने निर्देश दिए कि टैंकरों से पानी उपलब्ध करवाकर कच्चे सड़कों पर धूल हटाने के लिए नियमित रूप से सफाई की जाए। इसके साथ ही सड़क किनारे वृक्ष लगाए जाएं। इन क्षेत्रों में खुले स्थानों पर हरित क्षेत्र, बागीचे और पार्क विकसित किए जाएं, जिसका लाभ लोगों को मिलेगा।

प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को मल निकास पाईपों के समुचित डिजाईन और बिछाने तथा इनका उचित रख-रखव करने के भी निर्देश दिए। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आर.डी. धीमान ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यह सुनिश्चित बनाएगा कि राज्य के प्रदूषण मुक्त पर्यावरण को हर कीमत पर संरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों के विरूद्ध बोर्ड आवश्यक कार्रवाई करेगा। बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।


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