हिमाचल ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट : 93 हजार करोड़ के निवेश के लिए MOU हस्ताक्षरित; समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री ने की राज्य सरकार की सराहना

देवभूमि हिमाचल के धर्मशाला में आयोजित हिमाचल ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट सम्मेलन का आज सफल समापन हुआ। समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विविधता राज्य को निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य बनाती है कि प्राकृतिक सौन्दर्य, शांत वातावरण, वनस्पति एवं जैव सम्पदा, जैव विविधता, बर्फीले पहाड़, मनोरम वादियां, अनछुए जंगल और विभिन्न परम्पराएं एवं सांस्कृतिक धरोहर पर्यटनों को हिमाचल प्रदेश को स्वर्ग बनाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से पर्यटन क्षेत्र में सम्भावनाओं को तलाशने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री ने की हिमाचल सरकार की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक साक्षरता दर है और राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के लिए की गई पहल सराहनीय है। राज्य सरकार की मानव अनुकूल नीतियां प्रदेश में निवेश को आकर्षित करेंगी। उन्होंने इस सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि इससे न केवल भारत, बल्कि विश्वभर से निवेश के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने देश को पांच ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है और पिछले पांच वर्षों में हमने एक ट्रिलियन डाॅलर इसमें जोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन डाॅलर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार कड़ी मेहनत कर रही है।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन
केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल जी ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी का दौरा किया और इसमंे अपनी रूचि भी दिखाई। राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय जी ने इस ऐतिहासिक सम्मेलन को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश निवेश के लिए उपयुक्त राज्य है जहां श्रमशक्ति और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में सस्ती दरों पर निर्बाध बिजली उपलब्ध है जो निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। इसके अलावा, यहां निवेशकों को कई प्रकार के प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर कानून व्यवस्था, शांत वातावरण, सुशासन और मेहतनकश श्रमशक्ति उपलब्ध है। उन्होंने निवेश और विकास के लिए बहुत कम अवधि में एक अनुकूल माहौल तैयार करने पर भी मुख्यमंत्री को बधाई दी।

निवेशकों की सुविधा के लिए अधिसूचित की है महत्वपूर्ण नीतियां: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने और सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कई नीतियां अधिसूचित की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को उद्योग, आयुष, ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, अधोसंरचना और संबंधित क्षेत्र में निवेश के आदर्श राज्य बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए औद्योगिक और निवेश नीति, पर्यटन नीति, फिल्म नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति, आयुष नीति और ऊर्जा नीति अधिसूचित की गई हैं जिसके अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। ये सभी नीतियां प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाती हैं।

निवेशकों के सहयोग से हिमाचल की आर्थिकी में आएगा आशातीत बदलाव
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि इन्वेस्टर मीट आयोजित करने का यह पहला लेकिन चुनौतिपूर्ण प्रयास था जो निःसंदेह एतिहासिक है और निवेशकों के सहयोग से हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में आशातीत बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्रियों के निरंतर सहयोग को भी जाता है। 

हिमाचल सरकार ने 93 हजार करोड़ निवेश क्षमता के 614 एमओयू हस्ताक्षरित किए 
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि अभी तक 614 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं जिससे लगभग 93 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा। उन्होंने कहा कि जो समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं उन्हें सभी प्रकार का सहायता एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि इन पर कार्य शीघ्रता से कार्य आरम्भ हो सके। सभी संबंधित विभाग परियोजनाओं के लिए विभिन्न प्रकार के अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए कारगर कदम उठाएंगे ताकि उद्यमियों को आगे की कार्रवाई में कोई परेशानी न हो। 
हिमाचल सरकार का प्रयास राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने में सहायक होगा
केंद्रीय वित्त और कारपोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रयास राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का विकास केंद्र सरकार के लिए प्राथमिकता है क्योंकि यह हमारे उद्योगों की रीढ़ है। इस वर्ष के बजट में, इस क्षेत्र में ऋण की पहुंच में आसानी के लिए केंद्र सरकार ने एक समर्पित आनलाइन पोर्टल के माध्यम से 59 मिनट के भीतर एक करोड़ रुपये तक के ऋण प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए ब्याज अधीनता योजना के तहत, नये या वृद्धिशील ऋणों पर सभी जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई के लिए दो प्रतिशत ब्याज उपबंध के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 350 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

उद्योग मंत्री श्री बिक्रम सिंह जी ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री और उद्योगपतियों का धन्यवाद करते हुए निवेशकों को हिमाचल प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य निवेशकों की हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को आसानी से जमीन उपलब्ध कराने के लिए भूमि बैंकों की स्थापना की गई है। मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी ने दो दिवसीय निवेशक सम्मेलन के दौरान आयोजित गतिविधियों और कार्यक्रमों पर एक प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी हस्ताक्षरित एमओयू जल्द से जल्द धरातल पर लागू हों।


भारतीय उद्योग परिसंघ (नेशनल पार्टनर) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सीआईआई धर्मशाला में एक कौशल संस्थान स्थापित कर रहा है। हीरो समूह के अध्यक्ष राहुल मुंजाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ने नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए एक ठोस नींव रखी है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बनाई गई निवेशक अनुकूल नीतियों की भी सराहना की। वर्धमान समूह के अध्यक्ष सचिन जैन ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष विनीत नायर ने कहा कि वर्तमान में फाउंडेशन देश के छह राज्यों के 76 हजार स्कूलों में संपर्क स्मार्ट शाला चला रहा है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने भारत के लाखों बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से पर्यटन व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश करने का किया आग्रह 
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने धर्मशाला में आयोजित राइजिंग हिमाचल ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के दूसरे दिन इस आयोजन में शामिल हुए इच्छुक निवेशकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए पहली बार एक ‘हाॅलिस्टिक’ दृष्टिकोणी अपनाते हुए कार्य आरम्भ किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश फल उत्पादन में अपार संभावनाएं से युक्त तथा यह प्रदेश देश के फल राज्य के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अपनी विविध जलवायु होने के कारण यहां पर विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन किया जाता है। उन्होंने कहा कि फल एवं खाद्य प्रसंस्करण में निवेश के लिए राज्य में अपार संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि इस प्रदेश की उपयुक्त जलवायु और यहां की विविधतापूर्ण स्थलाकृति प्रदेश को विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों के उत्पादन के लिए उपयुक्त बनाती है। राज्य सरकार सभी उद्यमियों, जो प्रदेश में निवेश करने की इच्छा रखते हैं, के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने पर्यटन, आरोग्य और आयुष के समझौता ज्ञापन धारकों के साथ भी बैठक की और कहा कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में उद्यमियों को साहसिक, वन्य प्राणी, ईको टूरिज्म, धरोहर, अध्यात्मिक, स्मारक, धार्मिक, स्किइग आदि जैसी गतिविधियों में निवेश की व्यापक संभावनाएं विद्यमान हैं।

मख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में सतत पर्यटन प्रदेश में विकास की गति को बढ़ावा देने के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि यहां पर 300 फार्मा कम्पनियां और 700 से अधिक फार्मा उत्पाद इकाइयां कार्यरत है। इस प्रदेश को एशिया के औषधीय हब के रूप से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिकी नीति के तहत विभिन्न प्रकार के आकर्षक प्रोत्साहन उपलब्ध करवा रही है तथा सरकार ने प्रदेश को और अधिक आकर्षक एवं उद्योग-मित्र बनाने के उद्देश्य से पर्यटन, आयुष, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलैक्ट्रोनिक्स और जल विद्युत के क्षेत्रों में नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं।

आवास, शहरी विकास और परिवहन के समझौता ज्ञापन धारकों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्यमियों को उनकी परियोजना को समयबद्ध तरीके से स्वीकृति प्रदान करने में एक ‘सुविधा कारक’ की भूमिका निभाएगी ताकि वे बिना किसी विलम्भ के अपना कार्य आरम्भ कर सकें। उद्योग मंत्री श्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने प्रदेश में निवेश हब के रूप में उभरा रहा है। शहरी विकास मंत्री श्रीमती सरवीण चैधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 30 दिनों के भीतर गृह निर्माण के नक्शों की स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने धर्मशाला में संयुक्त अरब अमिरात के बिजनस लीडर्ज फोर्म, संयुक्त समूह, सन्नी जनरल टेªडिंग, जीटीसीएस ग्लोबल, प्रो-ग्लोबल लाॅजिस्टिक्स तथा एमआई कैपिटल के प्रतिनिधियों श्रीप्रिया कुमारिया, सुदेश अग्रवाल, मुकेश कोचर, राकेश रंजन, सरकार चैहान तथा शीतल सोनी के साथ बी2जी बैठक की अध्यक्षता की। इन्होंने पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन, उद्योग, आयुर्वेद आदि क्षेत्रों में निवेश की रूचि दिखाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में स्नातन धर्म के शिक्षा संस्थान और 150 विलाज स्थापित करने के लिए विस्तृत चर्चा की।

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