वाद्य यंत्रों से गूंजी कुल्लू घाटी, इतिहास के नए पन्नों पर दर्ज हुई ‘‘देव धुन’’

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 2200 से अधिक बजंतरियों ने एक साथ वाद्य यंत्रों पर देव धुन बजाकर स्थापित किया कीर्तिमान, ‘‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’’ में दर्ज हुआ नया इतिहास
कुल्लू घाटी का सम्पूर्ण वातावरण आज उस समय धार्मिक उत्साह और दिव्यता से भर गया, जब अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव के अवसर पर 2200 से अधिक बजंतरियों (पारंपरिक वाद्य यंत्र वादकों) ने कुल्लू के अटल सदन मैदान में सामूहिक रूप से देव धुन बजाई। देव धुन वह ध्वनि है, जिसे पारम्परिक लोक वाद्यों पर उस समय बजाया जाता है जब देवी-देवता किसी क्षेत्रीय उत्सव में शामिल होने के लिए अपने देवालयों से बाहर निकलते हैं। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। ‘‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’’ के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को एक मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया, क्योंकि 2200 से अधिक बजंतरियों द्वारा एक साथ वाद्य यंत्रों पर देव धुन बजाने का कीर्तिमान स्थापित हुआ है, जिसे ‘‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’’ में दर्ज किया गया है।

प्रदेशवासियों के लिए सम्मान की बात : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि यह प्रदेश के लोगों और विशेषकर कुल्लू जिला के लोगों के लिए सम्मान की बात है कि 2200 बजंतरियों द्वारा एक ही स्थान पर पारम्परिक वाद्य यंत्रों पर बजाई गई ‘‘देवधुन’ रिकाॅर्ड में शामिल की गई है। उन्होंने बजंतरियों के इस प्रयास की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस तरह के आयोजन नियमित रूप से होते रहंे और विशेषकर यह अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरे का आकर्षण बने। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है और हमारी पुरातन् संस्कृति और समृद्ध परम्पराएं धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आएं। उन्होंने इस अवसर पर बजंतरियों को अपनी ऐच्छिक निधि से पांच लाख रुपये देने की घोषणा की जिन्होंने देव धुन में भाग लिया।

विकास कार्यों के शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने इससे पूर्व अटल सदन कुल्लू मंे 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाली भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की आधारशीला रखी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के द्वितीय चरण के तहत 6 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से निर्मित नागुझोर-मशना-थाच सड़क का उद्घाटन किया और इस इस रूट पर राज्य परिवहन की बस को आॅनलाइन झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने पांच करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित पाॅलिटैक्निक भवन कुल्लू के शैक्षणिक खंड ‘ए’ का उद्घाटन किया। उन्होंने उपायुक्त कुल्लू कार्यालय भवन का उद्घाटन भी किया जिसका जीर्णोद्धार 83 लाख रुपये की लागत से पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने दिया था ‘‘देव धुन’’ का सुझाव, बना नया रिकॉर्ड
इससे पूर्व, क्षेत्र के लोगों ने कुल्लू आगमन पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। वन, परिवहन एवं युवा सेवाएं तथा खेल मंत्री श्री गोविन्द ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि अन्तरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में देव धुन का सुझाव स्वयं मुख्यमंत्री ने दिया था, जो देव समाज और प्रदेश की संस्कृति के प्रति उनकी रूचि और लगाव दर्शाता है। कृषि उपज विपणन समिति के नवनियुक्त मुख्य सलाहकार रमेश शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और नया उत्तदायित्व प्रदान करने के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। कारदार संघ के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को संघ की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। इस अवसर पर सांसद श्री रामस्वरूप शर्मा, विधायक श्री सुन्दर सिंह ठाकुर, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष श्री राम सिंह, उपायुक्त डाॅ. ऋचा वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव सिंह भी उपस्थित थे।

             

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