हिमाचल में बनेंगे 5,000 पॉली हाऊस, 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

पहाड़ी राज्य हिमाचल में आधी से ज्यादा आबादी कृषि पर निर्भर है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में खेताबाड़ी की जाती है। विशेष है कि हिमाचल में विदेशी सब्जियां भी उगाई जाती है। यदि मौसम सही रहे और मंडियों में उचित दाम मिले तो किसान फसलों में अच्छा-खासा मुनाफा कमा लेते हैं, यदि स्थिति इससे विपरित हो जाए तो किसानों को निराशा हाथ लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मौसम की मार के कारण फसल सही नहीं उगती और जब फसल ताजा न दिखे तो उसके दाम भी कम ही मिलते हैं। हालांकि जिन किसानों ने पॉली हाऊस स्थापित किए हैं, उन्हें मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ती है।
इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व वाली हिमाचल सरकार ने अधिकतर पॉली हाऊस स्थापित करने का निर्णय लिया है। यदि किसानों के पास अपने पॉली हाऊस होंगे तो फसल पर मौसम का अधिक असर नहीं पड़ेगा और सब्जियों के दाम भी बेहतर मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने की दृष्टि से ‘‘मुख्यमंत्री नूतन पॉली हाऊस परियोजना’’ शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत प्रदेश में 5,000 पॉली हाऊस स्थापित किए जाएंगे। इससे 20 हजार लाभार्थियों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

सरकार ने योजना के लिए किया 150 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने ‘‘मुख्यमंत्री नूतन पॉली हाऊस परियोजना’’ को वित्तीय बजट 2019-20 में शामिल किया था। इस योजना के लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नकदी फसलों, जैसे कि सब्जियों के उत्पादन में वृद्धि के लिए संरक्षित खेती महत्वपूर्ण है। वर्तमान में कार्यान्वित की जा रही ‘‘ दीन दयाल उपाध्याय किसान-बागवान योजना’’ अपने कार्यान्वयन काल के अंतिम वर्ष में पहुंच गई है। इसके मद्देनजर ‘‘मुख्यमंत्री नूतन पॉली हाऊस परियोजना’’ को शुरू किया जाएगा। शीघ्र ही इस योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।

पॉली हाऊस स्थापित करने के लिए मिलेगी 85% सब्सिडी
‘‘मुख्यमंत्री नूतन पॉली हाऊस परियोजना’’ चरणबद्ध तरीके से 4 वर्ष की अवधि ( वर्ष 2019-20 से 2022-23) तक चलाई जाएगी। योजना शुरू होने के उपरांत किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए कृषि विभाग में संपर्क करना होगा। खास बात यह है कि पॉली हाऊस स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 85 प्रतिशत उपदान सहायता प्रदान की जाएगी।



Comments

  1. This is same scheme as it before, new may be implementation of scheme in better way. Matter is that from where that poor farmer get 15% of remaining, who is there to help them without harrasing. Impementation will be key for sucess of this scheme.

    ReplyDelete

Post a comment