गांव ही नहीं प्रत्येक घर तक पहुंचेगी सड़क...

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा है कि प्रदेश सरकार जनता की प्रत्येक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दृष्टि से प्रत्येक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक नागरिक चाहता है कि सड़क उनके घर तक निकाली जाए, ऐसे में सरकार ने तय किया है कि प्रदेश का कोई भी कोना ऐसा नहीं होना चाहिए जहां सड़क की सुविधा न हो। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी आज प्रदेश लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जल निकास सुविधा सड़क स्वीकृति का एक मुख्य बिन्दु होना चाहिए, क्योंकि प्रायः यह देखा गया है कि खराब जल निकास सुविधाओं के कारण सड़कों को भारी क्षति पहुंचती है। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए बजट में पर्याप्त वृद्धि करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा सुनिश्चित करने में वरदान सिद्ध हुई है। इस योजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही सड़क परियोजनाओं को समयबद्ध आधार पर पूरा करना सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही को गम्भीरता से लिया जाएगा तथा इसके लिए जिम्मेबार  अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस वर्ष 77 बस्तियों को जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस वर्ष 2520 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण और 77 बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी स्वीकृतियां और उनकी पूर्ति समयबद्ध सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पीएमजीएसवाई-2 के अन्तर्गत 1250 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
रोड सेफ्टी ऑडिट के बाद ही पास होंगी नई सड़कें 
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने इस बात पर भी बल दिया कि लक्ष्यों की प्राप्ति तय समय सीमा के अंदर होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि सड़कों का निर्माण इस तरीके से होना चाहिए कि वे यात्रियों के लिए हर्ष का विषय हो तथा साथ में, इनके निर्माण से प्रदेश में पर्यावरण को भी कम से कम हानि पहुंचे। उन्होंने कहा कि रिटेनिंग दिवारों, क्रैश बेरियर और पैरापिट्स आदि के निर्माण के माध्यम से 4115 ब्लैक स्पॉटस का सुधार किया गया है। राज्य में सभी नई सड़कों की स्वीकृति निष्पक्ष एजेंसी द्वारा सुरक्षा ऑडिट के उपरांत ही दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में सड़क सुरक्षा ऑडिट डीपीआर का महत्त्वपूर्ण भाग होगा।

नियुक्त किए जाएंगे नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि चल रही विभिन्न परियोजनाओं में देरी, परिणामस्वरूप बढ़ते खर्च के दृष्टिगत वन स्वीकृतियों में तेजी लाने के लिए चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्ति किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य जिला सड़कों के रखरखाव, चैराहों में सुधार के माध्यम से जियोमैट्रिक्स में सुधार और यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए सुरंग निर्माण जैसे कार्यों को करने की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश सड़क अधोसंरचना विकास निगम को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर स्वीकृति और कार्य को अवार्ड करने के बीच समय सीमा में कमी लाने के लिए समीक्षात्मक कदम उठाने और चल रही सरकारी खरीद प्रक्रिया के सरलीकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया। 

कार्यों में गुणवत्ता पर बल
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने बताया कि राज्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 69 राष्ट्रीय राज मार्गों में से, 4031 किलोमीटर लंबे 63 राष्ट्रीय राजमार्गों की डीपीआर लोक निर्माण विभाग द्वारा बना ली गई है, जबकि 170 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले तीन राष्ट्रीय उच्च मार्गों की डीपीआर एनएचआईडीसीएल द्वारा बनाई गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को क्रियान्वित करते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा स्थानीय वास्तुकार और पारंपरिक तकनीकी जानकारियों का प्रयोग करते हुए भवन निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए आईजीएमसी के नए ओपीडी का निर्माण शीघ्र पूरा होना चाहिए।

प्रदेश में सड़क सुविधा से जोड़ी गई 3131 पंचायतें 
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की कुल 3226 पंचायतों में से 3131 पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ दिया गया हैं, जबकि प्रदेश की 18, 711 बस्तियों में से 13782 बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया है। प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग श्री जे.सी. शर्मा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि विभाग उनकी आशाओं पर खरा उतरने के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण की भावना से कार्य करेगा। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री संजय कुंडू, इंजीनियर-इन-चीफ लोक निर्माण विभाग श्री आर.के. वर्मा, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग श्री डी.सी. नेगी, चीफ इंजीनियर श्री ललित भूषण शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

सड़कों पर दबाव कम करने के लिए रज्जू मार्गों के निर्माण की संभावनाएं तलाश रही हिमाचल सरकार
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डिवल्पमेंट कॉर्पारेशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में बढ़ती यातायात समस्या तथा सड़कों बढ़ती निर्भरता को कम करने के लिए राज्य सरकार रज्जू मार्गों और अन्य ‘‘रैपिड ट्रांसपोर्टेशन’’ परियोजनाओं के निर्माण की संभावनाओं का पता लगा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने के लिए रज्जू मार्गों, मोनो रेल, पॉड कार, एसक्लेटर आदि आधुनिक परिवहन विकल्पों की पहचान करने के लिए परिवहन विभाग के अन्तर्गत रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डिवल्पमेंट कॉर्पोरेशन का गठन किया है। यह निगम इस संबंध में एक नोडल एंजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे पर्यटन महत्व के स्थलों में यातायात की वैकल्पि व्यवस्थाओं की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रज्जू मार्ग न केवल एक सशक्त व्यापक परिवहन प्रणाली है, अपितु यह कुशल और पर्यावरण मित्र कम लागत वाली परिवहन प्रणाली भी है। केंद्र सरकार के उपक्रम ‘वैपकोस’ लिमिटेड पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण शिमला, मनाली और धर्मशाला शहरों के लिए प्रारंभिक योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि इसके अनुसार डीपीआर बनाई जाएगी तथा इस वर्ष नवम्बर माह तक निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इस बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि बगलामुखी मंदिर के लिए एक रज्जू मार्ग के प्रोमोटर की नियुक्ति के लिए निविदा आमंत्रित कर दी गई है तथा न्यूगल रज्जू मार्ग के निर्माण के लिए प्री ‘फिजीबिल्टी स्टडी की जा रही है।



Comments

  1. Jai Ram Ji Ko Jai Shri Ram 🌹

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  2. धार पंचायत देहरा विधानसभा PWD डिवीज़न देहरा सेक्शन हरिपुर 70 साल से सड़क की मांग कर रहे ।कोई सुनने बाला नही । 84 परिवार सड़क न होने से पलायन कर गये । हर विधायक अपनी प्रथमिकता में शामिल करते होता कुछ नही । 2000 से पहले से हर विधायक अपनी प्राथमिकता में शामिल करते । अब तो 2014 -2015 से पहले की प्रथमिकता ही खत्म । एक DPR c/o link road ग्राम पंचायत धार कार्यालय से तरियाल बस्ती वाया हरिजन बस्ती govt मिडल स्कूल सपरु 2016 से डिवीज़न देहरा ओर SC आफिस नूरपुर ओर pwd चीफ आफिस धर्मशाला के चक्र काट रही ,, इस साल ENC आफिस शिमला फ़ाइल पहुंची तो ऑब्जेक्शन लगा की 2014 -2015 से पहले की DPR कैंसिल हो गई । फिर फ़ाइल वापिस देहरा डिवीज़न में आ गयी । फिर MLA देहरा से नोट लगवा कर फ़ाइल भेजी है । कितना टाइम ओर लगेगा परमात्मा जाने क्योंकि PWD बिभाग है ये ।

    2 C/O लिंक रोड धार से धनगर वाया लुंसु 40 साल से बन रही सिर्फ कागजों में , न DPR बनी है फारेस्ट क्लेर्नस है । कोई भी कागज तैयार नही । 84 परिवार पलायन कर गए विना रोड सुबिधा के । 4000 की आबादी को इस रोड से लाभ मिलेगा इस रोड के बनने से । इतने ही परिवार और पलायन करने बाले । आपका PWD बिभाग कुछ नही करता यहां ,लोग सड़क के लिए संघर्षरत है ।आंदोलन कर रहे कोई नही सुनता । देहरा विधानसभा के बूथ NO 5 धार में सड़क न होने की बजह से 2019 लोकसभा चुनावों का बहिष्कार किया सर्फ 12 वोट पड़े ।

    हमारे यहां एक पंचायत से पंचायत गांव से गांव ,कोई भी क्षेत्र सड़क से नही जुड़ा तो हर घर कैसे जुड़ेगा। जो क्षेत्र 7 km सड़क बनने से हर तरफ से जुड़ जाएगा । सड़क न होने से 40 km घूम के जाना पड़ता है । लोग अभी भी 15 km पैदल चलते रोज । 10 के बाद उच्च शिक्षा के लिए 15 -18 पैदल चलना पड़ता रोज । बीमार आदमी चारपाई पे ले जाना पड़ता । फिर हम कैसे मान ले कि घर घर तक सड़क होगी ।

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  4. हर दफतर में जेई और एसडीओ को धन खर्च करने की छूट है, ऐसे में सबसे अधिक घपला कटिंग के दौरान किया जा रहा है।
    2 घंटे जीसीबी कटिंग करती है और बिल 2 लाख बना दिया जाता है। गजब की लूट मची है।
    हो सकता है सरकार इस बारे अनभिज्ञ हो ,मगर अफसरशाही की तो गजब बेशर्मी है, कि लाख लाख रुपए तन्ख्वाह भी लेते हैं ,और काम सिर्फ ठेकेदारों का करते हैं.

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  5. सर आप से विनती हे की हमारी सड़क भी बनवा दे

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