मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष रखे हिमाचल के विकास मुद्दे

रक्षा मंत्री से किया हिमाचल में सैन्य हवाई अड्डे की स्थापना का आग्रह
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को हिमाचल प्रदेश के विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी से मुलाकात के दौरान उनसे हिमाचल में सैन्य हवाई अड्डे की स्थापना की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों व सैन्य अभियान के लिए चंडीगढ़ के अतिरिक्त इस क्षेत्र में कोई भी रक्षा हवाई अड्डा उपलब्ध नहीं है, जिसके अभाव में किसी विपरीत स्थिति से निपटना कठिन है। उन्होंने कहा कि इसलिए सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण जिला मंडी में एक रक्षा हवाई अड्डे की स्थापना करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे को नागरिक उद्देश्य के लिए भी प्रयोग में लाया जा सकता है, जिससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक भी समृद्ध होगी।
मुख्मयंत्री ने रक्षा मंत्री को अवगत करवाया कि राज्य सरकार ने मंडी जिला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे का निर्माण प्रस्तावित किया है, जिसके लिए नागचला में 3479 बीघा भूमि का भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली की टीम द्वारा निरीक्षण व सर्वेक्षण कर लिया है। सर्वेक्षण के उपरान्त इस स्थान को हवाई पट्टी की स्थापना के लिए उपयुक्त पाया है। उन्होंने कहा कि जिला मंडी प्रदेश के सभी स्थलों के केंद्र में पड़ता है और साथ लगते सीमा क्षेत्रों की ओर जाने के लिए भी सड़क मार्ग पर स्थित है। उन्होंने रक्षा मंत्री से इस प्रस्तावित हवाई अड्डे को रक्षा हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनकी इस मांग पर सरकार द्वारा गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के उद्योग मंत्री श्री बिक्रम सिंह, मंडी के सांसद श्री रामस्वरूप शर्मा, कांगड़ा के सांसद श्री किशन कपूर और शिमला के सांसद श्री सुरेश कश्यप भी मुख्यमंत्री के साथ थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी व मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडु भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय कानून मंत्री से की शिष्टाचार भेंट 
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने केंद्रीय कानून मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद जी से भी शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर मंडी के सांसद श्री रामस्वरूप शर्मा, कांगड़ा के सांसद श्री किशन कपूर, शिमला के सांसद श्री सुरेश कश्यप तथा हिमाचल सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 
रोप-वे परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ की ग्रांट देने का आग्रह
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी से भेंट की तथा उनसे राज्य में रज्जू मार्ग परियोजनाओं को लागू करने के लिए 500 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहरों में सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करने और जनजातीय क्षेत्रों व ऊंचे दर्रों में सुगम परिवहन के लिए एक वैकल्पिक एवं पर्यावरण मित्र रज्जू मार्गों के उपयोग का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डेवल्पमेंट कॉर्पोरेशन का नोडल एजेंसी के रूप में गठन किया है, जिसके माध्यम से राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन समस्या को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉर्पोरेशन का मुख्य लक्ष्य रज्जू मार्गों और अन्य रैपिड परिवहन सुविधाएं विकसित करना है, जिससे सडकों पर बढ़ती यातायात समस्या से निपटा जा सके और राज्य में वैकल्पिक परिवहन सुविधा भी विकसित की जा सके। उन्होंने कहा कि रज्जू मार्गों के निर्माण में कम भूमि और वन कटान की कम आवश्यकता के कारण इन्हें कम समय अवधि में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में इन परिवहन परियोजनाओं को लागू करने के लिए राज्य को केन्द्र सरकार की सहायता की आवश्यकता है तथा ये परियोजनाएं (रज्जू मार्ग और स्काई बस) केंद्रीय मंत्री के भीड़भाड़ एवं दूर-दराज क्षेत्रों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के विजन के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से प्रस्तावित ‘‘पर्वत माला’’ योजना के लिए उदार सहायता प्रदान करने के लिए भी आग्रह किया, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था प्रदान की जा सके। केंद्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने मुख्यमंत्री को उनकी द्वारा रखी गई मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। भारत सरकार के परिवहन सचिव संजीव रंजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकान्त बाल्दी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुण्डू, लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह भी इस बैठक में उपस्थित थे।




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