मुख्यमंत्री ने बस हादसे में घायलों का जाना कुशलक्षेम; सड़क हादसों को कम करने के लिए बनाई रूपरेखा

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी आज जिला कुल्लू के बंजार में गत वीरवार को हुए बस हादसे में घायल व्यक्तियों का कुशल-क्षेम जानने के लिए कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से बातचीत की तथा उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। मुख्यमंत्री जी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू एवं चिकित्सक दल को निर्देश दिए कि यदि गंभीर रूप से घायल किसी भी व्यक्ति को रैफर करने की आवश्यकता है तो तुरंत बेहतर उपचार के लिए रैफर कर दिया जाए। इसके उपरांत, पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक दुःखद हादसा है, जिसने समूचे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए 39 शवों को वीरवार सायं कुल्लू अस्पताल लाया गया था और तीन शवों की पहचान नहीं हो सकी है, जिसके अतिरिक्त अन्य शवों को उनके परिवारजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि 37 घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद कुल्लू अस्पताल रैफर किया गया था, जिनमें से पांच लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें एक पर्यटक भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गंभीर रूप से घायल आठ व्यक्तियों को वीरवार को ही पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रैफर किया गया था तथा इसके अलावा मध्य रात्रि में तीन अन्य घायल व्यक्तियों को पीजीआई रैफर किया गया। उन्होंने कहा कि पीजीआई रैफर किए गए घायल व्यक्तियों के साथ जिला प्रशासन से कर्मचारियों को उनकी सहायता के लिए भेजा गया है। इसके अलावा, पीजीआई में चिकित्सकों से संपर्क करके प्राथमिकता के आधार पर रैफर किए गए घायलों का यथासंभव बेहतरीन उपचार करने के लिए आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा फौरी राहत के रूप घायलों एवं मृतकों के परिवारों को 10.35 लाख रुपये की राशि वीरवार रात्रि तक वितरित कर दी गई थी।

बस दुर्घटना की होगी मैजिस्ट्रियल जांच
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि बस दुर्घटना की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कुल्लू के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है जो शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही वन व परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह ठाकुर तथा बंजार के विधायक श्री सुरेन्द्र शौरी को तुरंत शिमला से कुल्लू के लिए रवाना किया गया ताकि वह राहत व उपचार कार्यों की स्वयं निगरानी कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रकार के हादसों को रोकने के प्रति गंभीर है और इन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ओवर लोडिंग कर रहे बस के मालिकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह ठाकुर, बंजार के विधायक श्री सुरेन्द्र शौरी, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष श्री राम सिंह, उपायुक्त श्रीमती ऋचा वर्मा भी इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।


प्रदेश में ब्लैक स्पॉट्स सुधारने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियानः मुख्यमंत्री
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर ब्लैक स्पॉट्स की पहचान एवं उनके सुधार के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में नई सड़कों का निर्माण सड़क सुरक्षा ऑडिटर की स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ये निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में सड़कों पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने एवं ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करने के लिए पुरानी प्रक्रिया के स्थान पर नई प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक व्यस्त सड़कों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेज रफ्तार, लापरवाही एवं शराब के नशे में वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग पर नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को दोषी चालकों के विरूद्ध शिकायतें दर्ज करवाने के लिए उत्साहित किया जाएगा क्योंकि 93 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल के कारण होती हैं। इसके लिए ड्राईविंग टैस्ट को भी और अधिक सख्त बनाया जाएगा।
बेहतर स्थिति वाले वाहनों को ही दी जाएगी चलाने की अनुमति
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि यात्रियों को चालक के सम्बन्ध में जानकारी देने तथा उन्हें चालक के प्रशिक्षित होने के सम्बन्ध में आश्वस्त करवाने के लिए सभी परिवहन वाहनों, जिनमें टैक्सियां भी शामिल हैं, पर चालक के नाम एवं फोटो को प्रदर्शित करना अनिवार्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवहन वाहनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा इसमें किसी भी लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा। वाहनों की स्थिति का आकलन ऑटोमैटिक जांच के माध्यम से किया जाएगा तथा बेहतर स्थिति वाले वाहनों को ही सड़क पर चलने की अनुमति दी जाएगी। भारी वाहनों के चालकों को सही टैस्ट के आधार पर ही लाईसेंस दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रशिक्षु ड्राईवर निश्चित समय के लिए प्रशिक्षण पाएं, ड्राईविंग स्कूलों में बायोमैट्रिक प्रणाली को अपनाया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में ऑटोमैटिक ड्राइविंग टैस्ट सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।

ओवरलोडिंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परिवहन वाहन में ओवरलोडिंग न हो। उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन करने वालों के प्रति सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी स्कूल बसों को नियमित रूप से जांचा जाएगा और स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा मापदंडों के बार में में जागरुक बनाया जाएगा क्योंकि  प्रदेश सरकार की प्राथमिकता यात्रियों व स्कूली बच्चों की सुरक्षा निश्चित करना है।

बढ़ाई जाएगी परिवहन सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश कि प्रदेश में उन भीड़-भाड़ वाले स्थलों को चिन्हित करें, जहां परिवहन सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके अलावा बसों में ओवरलोडिंग की समस्या के समाधान के लिए मिनी बसों, मैक्सी कैब और ट्रैक्स आदि को और परमिट दिए जाने चाहिए। परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने बैठक के दौरान सड़कों में सुधार और सुरक्षित परिवहन सुविधाएं प्रदान करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्य सचिव बी.के. अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, मनोज कुमार एवं आर.डी. धीमान, डीजीपी एस.आर. मरडी, निदेशक परिवहन जे.एम. पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डी.सी. राणा, लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव डी.सी. नेगी, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ आर.पी. वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।


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