गत वर्ष के दौरान 103 एफसीए और 454 एफआरए मामलों की मंजूरी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने 18 जनवरी, 2019 को एफसीए के लंबित मामलों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वन मंजूरी के कारण विकास की गति बाधित न हो यह सुनिश्चित करने के लिए गत वर्ष एफसीए के 103 और एफआरए के तहत 454 मामलों को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वन विभाग को एफसीए मामलों को प्राथमिकता से उठाना चाहिए जो चरण-2 पर है तथा जिनको स्वीकृति प्रदान करने के लिए न्यूनतम औपचारिकताओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुल 103 एफसीए मामलों में से 44 सड़क परियोजनाओं के, 11 ट्रासमिशन लाइनों के बारे में, 4 सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित, 14 जल विद्युत और शेष अन्य तीन मामले हैं।
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा एफआरए के 1561 मामलों को आज तक मंजूरी प्रदान की गई है, जिसमें से 454 मामलों को पिछले वर्ष के दौरान मंजूरी दी गई थी। हमने हिमाचल प्रदेश को क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के साथ शामिल करने का मामला क्षेत्रीय कार्यालय पर्यावरण और वन मंत्रालय चंडीगढ़ के साथ  उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने मौजूदा एफआरए नियमों के सरलीकरण का मुद्दा भी उठाया है, ताकि राज्य की विकास की गति में तेजी लाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न एफसीए और एफआरए प्रस्तावों को व्यक्तिगत रूचि लेकर शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में वन मंत्री श्री गोविन्द सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे।

Comments

  1. Hon'ble Sir, Govt takes decision to implement various schemes ,whether forest clearances or land acquisition .Sir after the road projects are awarded ,when the time of land acquisition comes then local politicians and people with money power interferes ,tries to influence the NH officials and central Govt agencies so that decisions on land acquisition could be as per their desires. So before award of the project such lacqune must be sorted out .Govt has to revamp revenue department ,Patwaris, Kanugos and Tehsildars for absolutely fare and honest work ...

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  2. बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला

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